7 नवम्बर 2015वन रैंक वन पेंशनसमान रैंक और समान सेवा-अवधि वाले सेवानिवृत्त सैनिकों को समान पेंशन की चार दशक पुरानी माँग पूरी हुई; 5 सितम्बर 2015 को घोषणा हुई और 7 नवम्बर को अधिसूचना जारी हुई।
28 मई 2016दिवाला और शोधन अक्षमता संहिताकंपनियों के समयबद्ध दिवाला समाधान का एकीकृत क़ानून लागू हुआ; भारतीय दिवाला एवं शोधन अक्षमता बोर्ड की स्थापना हुई।
8 नवम्बर 2016विमुद्रीकरण₹500 और ₹1,000 के नोट, जो प्रचलित मुद्रा का लगभग 86% थे, मध्यरात्रि से अमान्य घोषित हुए; जनवरी 2023 में उच्चतम न्यायालय ने 4–1 से इस निर्णय की वैधता पुष्ट की।
1 मई 2017रेरा — घर खरीदारों का संरक्षणभू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम 2016 पूर्णतः लागू हुआ, जिससे हर राज्य में नियामक प्राधिकरण और परियोजना पंजीकरण अनिवार्य हो गया।
1 जुलाई 2017जीएसटी — एक देश, एक करसंसद के केंद्रीय कक्ष में मध्यरात्रि को जीएसटी का शुभारम्भ हुआ; 101वें संविधान संशोधन को 8 सितम्बर 2016 को स्वीकृति मिली थी।
24 जुलाई · 8 अगस्त 2019एनआईए और यूएपीए संशोधनएनआईए को विदेश में जाँच का अधिकार मिला और व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित करने का प्रावधान जोड़ा गया।
31 जुलाई 2019तीन तलाक कानूनमुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम से तत्काल तीन तलाक अवैध हुआ; तीन वर्ष तक की सज़ा का प्रावधान है।
5 अगस्त 2019अनुच्छेद 370 समाप्तजम्मू-कश्मीर और लद्दाख 31 अक्टूबर 2019 को केंद्रशासित प्रदेश बने; 11 दिसम्बर 2023 को उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से निर्णय की वैधता पुष्ट की।
9 नवम्बर 2019राम जन्मभूमि — उच्चतम न्यायालयपाँच न्यायाधीशों की पीठ ने सर्वसम्मत निर्णय सुनाया; 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा हुई।
12 दिसम्बर 2019नागरिकता संशोधन अधिनियमनियम 11 मार्च 2024 को अधिसूचित हुए और पहले नागरिकता प्रमाणपत्र 15 मई 2024 को दिए गए।
1 जनवरी 2020चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़तीनों सेनाओं के एकीकरण के लिए सर्वोच्च सैन्य पद सृजित हुआ; जनरल बिपिन रावत पहले सीडीएस बने।
13 अगस्त 2020पारदर्शी कराधान — ईमानदार का सम्मानफेसलेस असेसमेंट और करदाता चार्टर उसी दिन तथा फेसलेस अपील 25 सितम्बर 2020 से लागू हुई, जिससे करदाता और अधिकारी का सीधा संपर्क समाप्त हो गया।
6 जुलाई 2021सहकारिता मंत्रालयसहकारिता के लिए पहली बार अलग मंत्रालय बना — सहकार से समृद्धि; देश में 8.4 लाख से अधिक सहकारी संस्थाएँ और 32 करोड़ से अधिक सदस्य हैं (राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस)।
11 अगस्त 2023जन विश्वास अधिनियम · डेटा संरक्षण अधिनियम42 केंद्रीय क़ानूनों के 183 प्रावधान अपराध की श्रेणी से बाहर हुए; उसी दिन डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2023 को स्वीकृति मिली।
28 सितम्बर 2023नारी शक्ति वंदन अधिनियमयह अधिनियम लोकसभा में 454–2 और राज्यसभा में 214–0 से पारित हुआ; लोकसभा और विधानसभाओं में एक-तिहाई आरक्षण जनगणना के बाद परिसीमन के साथ लागू होगा। 16 अप्रैल 2026 को इसे प्रवृत्त करने की अधिसूचना जारी हुई।
1 जुलाई 2024तीन नई न्याय संहिताएँभारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम ने 1860 की भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और साक्ष्य अधिनियम की जगह ली; राष्ट्रपति की स्वीकृति 25 दिसम्बर 2023 को मिली थी।
17 दिसम्बर 2024एक देश, एक चुनावसंविधान (129वाँ संशोधन) विधेयक 269–198 से लोकसभा में पेश हुआ और 39 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति को सौंपा गया; कोविंद समिति ने 14 मार्च 2024 को अपनी रिपोर्ट दी थी।
16 जनवरी 20258वाँ वेतन आयोगआयोग के गठन की घोषणा हुई; 28 अक्टूबर 2025 को विचारार्थ विषय तय हुए और न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई अध्यक्ष बनीं। सिफ़ारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएँगी।
13 जनवरी – 26 फरवरी 2025महाकुंभ, प्रयागराज — 66 करोड़ श्रद्धालु45 दिनों में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया — मानव इतिहास का सबसे बड़ा समागम; डिजिटल महाकुंभ, स्वच्छता और सुरक्षा का नया मानक बना।
1 फरवरी 2025₹12 लाख तक की आय पर शून्य करबजट 2025-26 में नई कर व्यवस्था के अंतर्गत 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय कर-मुक्त हुई; वेतनभोगियों के लिए मानक कटौती सहित यह सीमा 12.75 लाख रुपये है।
8 अप्रैल 2025वक्फ (संशोधन) अधिनियमलोकसभा ने 3 अप्रैल और राज्यसभा ने 4 अप्रैल 2025 को विधेयक पारित किया; 5 अप्रैल को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली और 8 अप्रैल 2025 से अधिनियम लागू हुआ।
30 अप्रैल 2025जनगणना 2027 — जाति गणना के साथ1931 के बाद पहली बार जाति गणना जनगणना का हिस्सा बनी; अधिसूचना 16 जून 2025 को जारी हुई। ₹11,718 करोड़ की यह पहली डिजिटल जनगणना है, जिसका मकान-सूचीकरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू हुआ और जिसकी संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 है।
21 अगस्त 2025आयकर अधिनियम 20251961 के क़ानून का स्थान लेने वाला नया और सरल आयकर अधिनियम स्वीकृत हुआ, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी है।
22 सितम्बर 2025जीएसटी 2.0 — बचत उत्सव5% और 18% की दो मुख्य दरें लागू हुईं (विलासिता और अहितकर वस्तुओं पर 40%); घोषणा 3 सितम्बर 2025 को हुई थी।
21 नवम्बर 2025चार श्रम संहिताएँ लागू29 केंद्रीय श्रम क़ानूनों को समाहित करने वाली वेतन, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा और व्यावसायिक सुरक्षा संहिताएँ प्रभावी हुईं।
30 मार्च 2026नक्सल-मुक्त भारतलोकसभा में घोषणा हुई कि 31 मार्च 2026 का लक्ष्य पूरा हो गया; गृह मंत्रालय के अनुसार अब कोई ज़िला वामपंथी उग्रवाद-प्रभावित नहीं है।
पूर्वोत्तर के 14 शांति समझौते — तिथिवार (अप्रैल 2026 तक)
24 सितम्बर 2014एएनवीसी · मेघालय751 कैडरों ने 15 दिसम्बर 2014 को आत्मसमर्पण किया।
10 अगस्त 2019एनएलएफटी (एसडी) · त्रिपुरा88 कैडरों ने 44 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया।
16 जनवरी 2020ब्रू-रियांग समझौताकेंद्र, त्रिपुरा, मिज़ोरम और ब्रू प्रतिनिधियों के बीच समझौता हुआ; 6,935 परिवारों (37,584 लोगों) का त्रिपुरा में पुनर्वास हो रहा है।
27 जनवरी 2020बोडो समझौताअसम में 4,881 एनडीएफबी कैडर मुख्यधारा में लौटे और बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र बना।
4 सितम्बर 2021कार्बी आंगलोंग समझौताअसम में 1,926 कैडरों ने हथियार डाले।
29 मार्च 2022असम–मेघालय सीमा समझौतापहले चरण में 6 क्षेत्रों का समाधान हुआ।
15 सितम्बर 2022असम के आदिवासी समूहआठ संगठनों के 1,182 कैडर मुख्यधारा में लौटे।
20 अप्रैल 2023असम–अरुणाचल सीमा समझौता123 गाँवों का समाधान हुआ।
27 अप्रैल 2023डीएनएलए · असमदिमासा नेशनल लिबरेशन आर्मी के 181 कैडरों ने हथियार डाले।
29 नवम्बर 2023यूएनएलएफ · मणिपुरघाटी के पहले सशस्त्र समूह ने शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए।
29 दिसम्बर 2023उल्फा समझौताअसम में 852 कैडरों ने आत्मसमर्पण किया; वार्ता-समर्थक उल्फा 23 जनवरी 2024 को भंग हुआ।
2 मार्च 2024तिपरा मोथा त्रिपक्षीय समझौतात्रिपुरा के लिए नई दिल्ली में राजनीतिक समझौता हुआ।
4 सितम्बर 2024एनएलएफटी–एटीटीएफ · त्रिपुरा918 कैडरों ने हथियार डाले।
5 फरवरी 2026फ्रंटियर नागालैंड प्रादेशिक प्राधिकरणईएनपीओ के साथ त्रिपक्षीय समझौता हुआ — आठ नागा जनजातियाँ, पूर्वी नागालैंड के छह ज़िले।